परीक्षा पद्धति
गुरुकुल में मूल्यांकन — ज्ञान, आचरण और कौशल की त्रिमुखी परीक्षा
गुरुकुल की परीक्षा पद्धति केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है। यहाँ बालिका के ज्ञान, आचरण और व्यावहारिक कौशल — तीनों का मूल्यांकन किया जाता है।
परीक्षा के प्रकार
शास्त्रार्थ / मौखिक परीक्षा
वैदिक विषयों में मौखिक प्रश्नोत्तर, मन्त्रोच्चारण, श्लोक-पाठ और अर्थ-व्याख्या। यह गुरुकुल परम्परा की सबसे प्राचीन और प्रभावी पद्धति है।
लिखित परीक्षा
आधुनिक विषयों (हिन्दी, अंग्रेज़ी, गणित, विज्ञान) और संस्कृत व्याकरण में लिखित परीक्षा।
व्यावहारिक मूल्यांकन
यज्ञ-विधि, योगाभ्यास, दिनचर्या पालन, स्वच्छता और सामूहिक जीवन में योगदान — इनका निरंतर मूल्यांकन होता है।
परीक्षा कार्यक्रम
अर्धवार्षिक परीक्षा 🔲 [कब]
वार्षिक परीक्षा 🔲 [कब]
मासिक मूल्यांकन 🔲 [यदि हो]
परीक्षा परिणाम
🔲 [परिणाम कैसे दिया जाता है — अंक, श्रेणी, अभिभावकों को सूचना — CMS से भरें]
परीक्षा ज्ञान की कसौटी है — और सच्चा ज्ञान कभी परीक्षा से नहीं डरता।