वैदिक विशिष्ट ग्रन्थ
गुरुकुल में अध्ययन किए जाने वाले प्रमुख वैदिक एवं आर्ष ग्रन्थ
गुरुकुल शिक्षा का मूल आधार वेद और आर्ष ग्रन्थ हैं। बालिकाओं को इन ग्रन्थों का न केवल पाठ, बल्कि उनके अर्थ और जीवन में उपयोग भी सिखाया जाता है।
चार वेद
ऋग्वेद
ज्ञान का वेद। सृष्टि, ईश्वर और धर्म के मूलभूत सिद्धांत।
यजुर्वेद
कर्म का वेद। यज्ञ-विधि, कर्तव्य और सेवा।
सामवेद
उपासना का वेद। संगीत, स्तुति और भक्ति।
अथर्ववेद
विज्ञान का वेद। लोक-कल्याण, औषधि और गृहस्थ जीवन।
प्रमुख आर्ष ग्रन्थ
उपनिषद्
ब्रह्मविद्या और आत्मज्ञान के ग्रन्थ (ईशोपनिषद्, केनोपनिषद् आदि)।
सत्यार्थ प्रकाश
महर्षि दयानन्द सरस्वती कृत, सत्य-असत्य विवेक का महाग्रन्थ।
अष्टाध्यायी
महर्षि पाणिनि कृत, संस्कृत व्याकरण का मूल ग्रन्थ।
मनुस्मृति
धर्म, नीति और सामाजिक व्यवस्था का ग्रन्थ।
निरुक्त
वेदार्थ ज्ञान का ग्रन्थ (महर्षि यास्क कृत)।
षड्दर्शन
न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, मीमांसा, वेदान्त — भारतीय दर्शन के छः स्तम्भ।
सन्ध्या एवं नित्य पाठ
सन्ध्या मन्त्र
प्रतिदिन प्रातः और सायं सन्ध्या उपासना।
गायत्री मन्त्र
बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करने वाला सर्वश्रेष्ठ मन्त्र।
🔲 [अन्य नित्य पाठ]
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वेदोऽखिलो धर्ममूलम्
वेद समस्त धर्म का मूल हैं।